बैंकॉक
में हुए 6वें BIMSTEC समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
कहा, "BIMSTEC दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच एक
महत्वपूर्ण ब्रिज है। यह न सिर्फ कनेक्टिविटी और सहयोग को बढ़ा रहा है, बल्कि shared prosperity का भी एक मजबूत प्लेटफॉर्म
बन रहा है।"
उन्होंने
BIMSTEC
को एक समावेशी विकास और सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक बताया। साथ ही,
20 से अधिक नई पहलकदमियां घोषित कीं—जैसे होम
मिनिस्टर्स मैकेनिज्म, UPI से जुड़े पेमेंट सिस्टम, एनर्जी सेंटर और चैंबर ऑफ कॉमर्स।
BIMSTEC चार्टर और बैंकॉक विजन 2030
मोदी
ने BIMSTEC
चार्टर को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पिछले साल लागू हुआ
और अब बैंकॉक विजन 2030 इसे और मजबूत बनाएगा। "यह 'सबका साथ, सबका विकास, सबका
प्रयास' का जीवंत उदाहरण है," उन्होंने
कहा।
उन्होंने
यह भी भरोसा जताया कि BIMSTEC
एकजुटता, सहयोग और आपसी विश्वास को नई
ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
प्राकृतिक आपदा और भारत की सहायता
म्यांमार
और थाईलैंड में भूकंप से हुई क्षति पर दुख व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि भारत
हमेशा अपने मित्र देशों के साथ खड़ा है। "हमारी प्राथमिकता सिर्फ आपदा के बाद
मदद देना नहीं,
बल्कि आपदा से पहले की तैयारी को भी मजबूत करना है।"
BIMSTEC
को 2016 में भारत ने फिर से सक्रिय किया,
जब उरी हमले के बाद पाकिस्तान की वजह से SAARC समिट रद्द करनी पड़ी। पाकिस्तान इस संगठन का हिस्सा नहीं है, जबकि इसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल,
श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।
सुरक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी
"सुरक्षा के बिना विकास अधूरा है," मोदी ने कहा।
उन्होंने होम मिनिस्टर्स मैकेनिज्म को मजबूत करने और साइबर क्राइम, आतंकवाद, ड्रग ट्रैफिकिंग जैसी चुनौतियों से निपटने
के लिए भारत में पहली बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव दिया।
उन्होंने
यह भी कहा कि भौतिक कनेक्टिविटी के साथ-साथ डिजिटल और एनर्जी कनेक्टिविटी को भी
प्राथमिकता देनी होगी।
UPI कनेक्टिविटी और लोकल करेंसी में ट्रेड
भारत
चाहता है कि BIMSTEC
देशों के पेमेंट सिस्टम को भारत के UPI से
जोड़ा जाए। "इससे ट्रांसक्शंस आसान होंगे, बिज़नेस ग्रो
करेगा और टूरिज्म को बूस्ट मिलेगा," मोदी ने कहा।
उन्होंने
BIMSTEC
चैंबर ऑफ कॉमर्स बनाने और एक सालाना बिजनेस समिट आयोजित करने का भी
सुझाव दिया। इसके अलावा, लोकल करेंसी में ट्रेड की संभावना
का अध्ययन करने की भी बात कही।
भारतीय महासागर में सहयोग और सुरक्षा
"एक फ्री, ओपन और सुरक्षित इंडियन ओशन हमारी साझा
प्राथमिकता है," मोदी ने कहा। उन्होंने एक Sustainable
Maritime Transport Centre बनाने का प्रस्ताव रखा, जो समुद्री सुरक्षा और नीति निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगा।
इसके
अलावा,
भारत एक BIMSTEC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर
डिजास्टर मैनेजमेंट भी स्थापित करेगा, ताकि आपदा प्रबंधन को
और प्रभावी बनाया जा सके।
हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और एजुकेशन में सहयोग
भारत
BIMSTEC
देशों में कैंसर केयर की ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग को सपोर्ट
करेगा। साथ ही, पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए एक
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किया जाएगा।
एग्रीकल्चर
सेक्टर में इनोवेशन और बेस्ट प्रैक्टिसेस को साझा करने के लिए भारत एक और सेंटर ऑफ
एक्सीलेंस खोलेगा।
स्पेस, युवा और खेलों में सहयोग
मोदी
ने BIMSTEC
देशों के लिए ग्राउंड स्टेशन, नैनो-सैटेलाइट्स
और रिमोट सेंसिंग डेटा की सुविधा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।
" हम एक BODHI initiative बिम्सटेक फॉर आर्गनाइज्ड डेवलपमेंट ऑफ़ ह्यूमन रिसोर्स इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में शुरू हो रहा है जो हर साल 300 लोगो को ट्रेनिंग देगा
उन्होंने
यह भी बताया कि Nalanda
University और Forest Research Institute में BIMSTEC
छात्रों के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी।
संस्कृति और खेलों में नई शुरुआत
भारत
इस साल BIMSTEC
ट्रेडिशनल म्यूजिक फेस्टिवल की मेजबानी करेगा। साथ ही,
BIMSTEC यंग लीडर्स समिट, BIMSTEC हैकाथॉन और
यंग प्रोफेशनल विजिटर्स प्रोग्राम भी लॉन्च किए जाएंगे।
"खेलों की दुनिया में भी BIMSTEC अपनी पहचान बनाएगा,"
मोदी ने कहा। भारत BIMSTEC एथलेटिक्स मीट की
मेजबानी करेगा और 2027 में BIMSTEC गेम्स
का आयोजन करेगा।
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