भारत में वक्फ (Waqf) संपत्तियों का इतिहास 12वीं सदी में दो गांवों की दान (donation) से शुरू हुआ था। गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में बताया कि 1913 से 2013 तक वक्फ बोर्ड के पास 18 लाख एकड़ जमीन थी। लेकिन पिछले 12 सालों में इसमें 21 लाख एकड़ की बढ़ोतरी हुई है।
वक्फ संपत्तियों की दोगुनी वृद्धि
गृहमंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन
विधेयक 2024 (Waqf Amendment Bill 2024) पर चर्चा के दौरान इस डेटा को साझा किया। उन्होंने बताया कि 2013 में
संशोधित वक्फ अधिनियम के बाद वक्फ बोर्ड की भूमि 39
लाख एकड़ तक पहुंच गई है। यह चौंकाने
वाली बात है कि पिछले 12 वर्षों में वक्फ संपत्तियों में दोगुनी वृद्धि हुई है।
वक्फ संपत्तियों के उपयोग और विवाद
सरकारी डेटा के अनुसार, वक्फ बोर्ड के पास 8.72 लाख
संपत्तियां हैं, जो 9.4 लाख एकड़ में फैली हैं। वक्फ संपत्तियां उन संपत्तियों को कहा
जाता है, जो इस्लामी कानून (Islamic
Law) के तहत धार्मिक या परोपकारी कार्यों के
लिए दान की जाती हैं। एक बार दान हो जाने के बाद,
इनकी मालिकियत (ownership) अल्लाह
के पास मानी जाती है और इनकी बिक्री निषिद्ध होती है।
वक्फ
संपत्तियों का दुरुपयोग?
अमित शाह ने वक्फ संपत्तियों के
दुरुपयोग और पारदर्शिता (transparency) की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 2025 के
रिकॉर्ड के अनुसार, पहले 20,000 वक्फ बोर्ड संपत्तियां लीज (lease)
पर थीं,
लेकिन अब वे शून्य हो गई हैं। उन्होंने
पूछा, "ये संपत्तियां कहां गईं?
किसकी अनुमति से इन्हें बेचा गया?"
न्यायिक प्रक्रिया और विवाद
वक्फ अधिनियम की धारा 40 (Section 40) को
लेकर भी विवाद है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि इस धारा के कारण निजी संपत्तियों को
वक्फ संपत्ति में बदला गया है। किरन रिजिजू ने इसे "सबसे कठोर" प्रावधान
बताया क्योंकि इसके तहत वक्फ बोर्ड और ट्रिब्यूनल (Tribunal)
के फैसले को अदालत में चुनौती नहीं दी
जा सकती थी।
UMEED Bill से पारदर्शिता आएगी
शाह ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक को UMEED (Unified Waqf Management Empowerment, Efficiency and Development) Bill नाम दिया गया है। इस नए कानून से वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, बैलेंस शीट्स (balance sheets) जमा करनी होंगी और सेवानिवृत्त CAG अधिकारियों से ऑडिट (audit) कराया जाएगा।
वक्फ संपत्तियों की संख्या और क्षेत्रफल
में हाल के वर्षों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। 2013
में 18
लाख एकड़ से बढ़कर 2025 तक
39 लाख एकड़ हो चुकी है। सरकार का दावा है कि नए विधेयक से
पारदर्शिता आएगी और वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग हो सकेगा।